घेरी बरसे बदरिया घर ना आये बलमू
कइली सोहलो सिंगार हम केसे करीं प्यार
अंखिया लोरवा गिरे ला जइसे बरखा क भार
पिया बिन जिया नाहीं लागे तरसावे बलमू
बहे झोर पुरवाई अंग-अंग अंगडाई
चमके चउंदिस बिजुरिया ई डरावे बलमू
अंगना भर गइले पानी दूजे चढ़ली जवानी
सारी रात गिरे पानी हम होईं पानी-पानी
मोरे जिनगी क पानी न बचावे बलमू
बरखा होला झकझोर, उठे जिया में हिलोर
अंखिया नींद नाहिं आवे बैठल होई गइले भोर
कइसों भोरे आंख लागल डर मनवा से भागल
मोहें सपना में गरवा लगावे बलमू
मोरी टूटही पलानी टप-टप टपके ला पानी
कइसे मिली रोटी-पानी ना बुझाला बलमू।
कइली सोहलो सिंगार हम केसे करीं प्यार
अंखिया लोरवा गिरे ला जइसे बरखा क भार
पिया बिन जिया नाहीं लागे तरसावे बलमू
बहे झोर पुरवाई अंग-अंग अंगडाई
चमके चउंदिस बिजुरिया ई डरावे बलमू
अंगना भर गइले पानी दूजे चढ़ली जवानी
सारी रात गिरे पानी हम होईं पानी-पानी
मोरे जिनगी क पानी न बचावे बलमू
बरखा होला झकझोर, उठे जिया में हिलोर
अंखिया नींद नाहिं आवे बैठल होई गइले भोर
कइसों भोरे आंख लागल डर मनवा से भागल
मोहें सपना में गरवा लगावे बलमू
मोरी टूटही पलानी टप-टप टपके ला पानी
कइसे मिली रोटी-पानी ना बुझाला बलमू।

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